अलंकार के महत्वपूर्ण नोट्स

0

अलंकार के महत्वपूर्ण नोट्स

Hello Friends

To make your competitive exams even easier, today we have brought for you अलंकार के महत्वपूर्ण नोट्स This pdf will play a very important role in your upcoming competitive exams like – Bank Railway Rrb Ntpc Ssc Cgl and many other exams.

This pdf is very important for the exam, it is being provided to you absolutely free, which you can download by clicking on the Download button below to get even more important pdfs. A. You can go pdf download in Riletid Notes

Allexampdf.com is an online education platform, here you can download Pdf for all competitive exams like – Bank Railway Rrb Ntpc Upsc Ssc Cgl and also for other competitive exams.

Allexampdf.com will update many more new Pdfs, keep visiting and update our posts and more people will get it

  1. Indian Geography PDF in Hindi ( Most Important 250 भूगोल प्रश्नोतरी )
  2. List of International Organisations with their Heads, Headquarters and Formation Year
  3. 100+ इ ितहास (History ) Best Questions and Answers (Objective in Hindi)
  4. विश्व का भूगोल से संबंधित 300 Most Important General Knowledge
  5. आधुनिक भारत पर बहुत ही शानदार नोट्स – महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर के साथ हिंदी में
  6. Most Important General Knowledge PDF
  7. All Lucent Books In Hindi/English PDF
  8. Geography Important Notes PDF
  9. सिंधु घाटी सभ्यता नोट्स PDF
  10. GK Tricks for SSC, BANK AND RAILWAYS
  11. आधुनिक भारत का इतिहास Sam- Samyayik Ghatna Chakra Modern History
  12. 10000 Gk Questions In Hindi With Answers
  13. Indian Geography Notes PDF Free Download
  14. 777+ Most Important GK One Liner Question in Hindi
  15. सामान्य विज्ञान – अतिमहत्वपूर्ण 500+ प्रश्नोत्तरी PDF
  16. Economic And Henral Science Question PDF
  17. Environment And Ecology PDF
  18. Top 12500+ Important Gk Questions PDF
  19. Railway Gk Important Notes PDF Free Download
  20. Most Important Full Forms PDF Free Download

अलंकार की परिभाषा (definition of alankar in hindi)

काव्यों की सुंदरता बढ़ाने वाले यंत्रों को ही अलंकार कहते हैं। जिस प्रकार मनुष्य अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए विभिन्न आभूषणों का प्रयोग करते हैं उसी तरह काव्यों की सुंदरता बढ़ाने के लिए अलंकारों का उपयोग किया जाता है।

अलन अर्थात भूषण

कर अर्थात सुसज्जित करने वाला

अतः काव्यों को शब्दों व दूसरे तत्वों की मदद से सुसज्जित करने वाला ही अलंकार कहलाता है ।

अलंकार के भेद

अलंकार के मुख्यतः दो भेद होते हैं :

  1. शब्दालंकार
  2. अर्थालंकार

1. शब्दालंकार

जो अलंकार शब्दों के माध्यम से काव्यों को अलंकृत करते हैं, वे शब्दालंकार कहलाते हैं। यानि किसी काव्य में कोई विशेष शब्द रखने से सौन्दर्य आए और कोई पर्यायवाची शब्द रखने से लुप्त हो जाये तो यह शब्दालंकार कहलाता है।

शब्दालंकार के भेद:

  1. अनुप्रास अलंकार
  2. यमक अलंकार
  3. श्लेष अलंकार

1. अनुप्रास अलंकार

जब किसी काव्य को सुंदर बनाने के लिए किसी वर्ण की बार-बार आवृति हो तो वह अनुप्रास अलंकार कहलाता है। किसी विशेष वर्ण की आवृति से वाक्य सुनने में सुंदर लगता है। जैसे :

  1. चारु चन्द्र की चंचल किरणें खेल रही थी जल थल में ।

ऊपर दिये गए उदाहरण में आप देख सकते हैं की ‘च’ वर्ण की आवृति हो रही है और आवृति हों से वाक्य का सौन्दर्य बढ़ रहा है। अतः यह अनुप्रास अलंकार का उदाहरण होगा।

2. यमक अलंकार

जिस प्रकार अनुप्रास अलंकार में किसी एक वर्ण की आवृति होती है उसी प्रकार यमक अलंकार में किसी काव्य का सौन्दर्य बढ़ाने के लिए एक शब्द की बार-बार आवृति होती है। दो बार प्रयोग किए गए शब्द का अर्थ अलग हो सकता है । जैसे:

  1. काली घटा का घमंड घटा।
  • यहाँ ‘घटा’ शब्द की आवृत्ति भिन्न-भिन्न अर्थ में हुई है। पहले ‘घटा’ शब्द ‘वर्षाकाल’ में उड़ने वाली ‘मेघमाला’ के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है और दूसरी बार ‘घटा’ का अर्थ है ‘कम हुआ’। अतः यहाँ यमक अलंकार है।

3. श्लेष अलंकार

श्लेष अलंकार ऊपर दिये गए दोनों अलंकारों से भिन्न है । श्लेष अलंकार में एक ही शब्द के विभिन्न अर्थ होते हैं। जैसे:

  1. रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून पानी गए न ऊबरे मोई मानस चून।

इस दोहे में रहीम ने पानी को तीन अर्थों में प्रयोग किया है। पानी का पहला अर्थ मनुष्य के संदर्भ में है जब इसका मतलब विनम्रता से है। रहीम कह रहे हैं कि मनुष्य में हमेशा विनम्रता (पानी) होना चाहिए। पानी का दूसरा अर्थ आभा, तेज या चमक से है जिसके बिना मोती का कोई मूल्य नहीं।

पानी का तीसरा अर्थ जल से है जिसे आटे (चून) से जोड़कर दर्शाया गया है। रहीम का कहना है कि जिस तरह आटे का अस्तित्व पानी के बिना नम्र नहीं हो सकता और मोती का मूल्य उसकी आभा के बिना नहीं हो सकता है, उसी तरह मनुष्य को भी अपने व्यवहार में हमेशा पानी (विनम्रता) रखना चाहिए जिसके बिना उसका मूल्यह्रास होता है। अतः यह उदाहरण श्लेष के अंतर्गत आएगा।

 2. अर्थालंकार

जब किसी वाक्य का सौन्दर्य उसके अर्थ पर आधारित होता है तब यह अर्थालंकार के अंतर्गत आता है ।

अर्थालंकार के भेद

अर्थालंकार के मुख्यतः पाँच भेद होते हैं :

  1. उपमा अलंकार
  2. रूपक अलंकार
  3. उत्प्रेक्षा अलंकार
  4. अतिशयोक्ति अलंकार
  5. मानवीकरण अलंकार

1. उपमा अलंकार

उप का अर्थ है समीप से और पा का अर्थ है तोलना या देखना । अतः जब दो भिन्न वस्तुओं में समानता दिखाई जाती है, तब वहाँ उपमा अलंकार होता है । जैसे:

  1. कर कमल-सा कोमल है ।

यहाँ पैरों को कमल के समान कोमल बताया गया है । अतः यहाँ उपमा अलंकार होगा।

उपमा के अंग :

  1. उपमेय : जिस वस्तु की समानता किसी दूसरे पदार्थ से दिखलायो जाये वह उपमेय होते है । जैसे: कर कमल सा कोमल है । इस उदाहरण में कर उपमेय है ।
  2. उपमान : उपमेय को जिसके समान बताया जाये उसे उपमान कहते हैं । उक्त उदाहरण में ‘कमल’ उपमान है।

2. रूपक अलंकार

जब उपमान और उपमेय में अभिन्नता या अभेद दिखाया जाए तब यह रूपक अलंकार कहलाता है। जैसे:

  1. “मैया मैं तो चन्द्र-खिलौना लैहों”

ऊपर दिए गए उदाहरण में चन्द्रमा एवं खिलोने में समानता न दिखाकर चाँद को ही खिलौना बोल दिया गया है। अतएव यह रूपक अलंकार होगा।

  1. चरण-कमल बंदौं हरिराई।

ऊपर दिए गए गए वाक्य में चरणों को कमल के सामान न दिखाकर चरणों को ही कमल बोल दिया गया है। अतः यह रूपक अलंकार के अंतर्गत आएगा।

3. उत्प्रेक्षा अलंकार

जहाँ उपमेय में उपमान के होने की संभावना का वर्णन हो तब वहां उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। यदि पंक्ति में -मनु, जनु,मेरे जानते,मनहु,मानो, निश्चय, ईव आदि आता है बहां उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। जैसे:

  1. मुख मानो चन्द्रमा है।

ऊपर दिए गए उदाहरण में मुख के चन्द्रमा होने की संभावना का वर्णन हो रहा है। उक्त वाक्य में मानो भी प्रयोग किया गया है अतः यहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार है।

4. अतिशयोक्ति अलंकार

जब किसी बात का वर्णन बहुत बढ़ा-चढ़ाकर किया जाए तब वहां अतिशयोक्ति अलंकार होता है। जैसे :

आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोडा कैसे उतरे पार। राणा ने सोचा इस पार , तब तक चेतक था उस पार।

ऊपर दिए गए उदाहरण में चेतक की शक्तियों व स्फूर्ति का बहुत बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया गया है। अतएव यहाँ पर अतिशयोक्ति अलंकार होगा।

5. मानवीकरण अलंकार

जब प्राकृतिक चीज़ों में मानवीय भावनाओं के होने का वर्णन हो तब वहां मानवीकरण अलंकार होता है। जैसे :

  1. फूल हँसे कलियाँ मुस्कुराई।

ऊपर दिए गए उदाहरण में आप देख सकते हैं की फूलों के हसने का वर्णन किया गया है जो मनुष्य करते हैं अतएव यहाँ मानवीकरण अलंकार है।

हिंदी व्याकरण PDFs

  1. हिंदी व्याकरण के शानदार नोट्स
  2. हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण नोट्स PDF
  3. Hindi Grammar Best Handwriting Notes PDF
  4. हिंदी व्याकरण PDF Free Download
  5. Hindi Grammar (लिंग और वचन) PDF Free Download
  6. Hindi Grammar Important Notes PDF Free Download
  7. Arihant Genral Hindi Grammar Book PDF Free Download
  8. Hindi Grammar Book PDF Free Download
  9. Samany Hindi Book PDF Free Download
  10. अलंकार के महत्वपूर्ण नोट्स

1. निम्न में से कौन सा सांख्य दर्शन के अनुसार सृष्टि के सही क्रम है?

A.  पुरूषक्त, प्रकृति, अहंकार, महत

B.  प्रकृति, पौरूस, अहंकार, महत

C.  प्रकृति, पौरस, महत, अलंकार

D.  पौरस, प्रकृति, महत, अहंकार

    Answers D 

2. निम्नलिखित में से कौन सा दर्शन कहता है कि, “भगवान और आत्मा के विभिन्न सिद्धांतों की परवाह मत करो; अच्छा करो और अच्छा बनो; यही आपको सच्चाई की राह पर ले जाएगा?

A.  सांख्य दर्शन

B.  बौद्ध धर्म के दर्शन

C.  वेदांत का दर्शन

D.  जैन धर्म का दर्शन

    Answers B 

3. निम्न में से कौन सा दर्शन व्यक्तिवाद को बढ़ावा देता है?

A.  जैन धर्म के दर्शन

B.  सांख्य दर्शन
C.  बौद्ध धर्म के दर्शन

D.  इनमे से कोई भी नहीं

    Answers A 

4. इनमें से कौन से भारतीय दर्शन के दो डिवीजन स्कूल रहे हैं?

A.  बौद्ध धर्म और जैन धर्म

B.  अद्वैत और द्वैत

C.  आस्तिक और नास्तिक

D.  रूढ़िवादी और विधर्मिक

    Answers D 

5. जैन धर्म में शिक्षा का अंतिम लक्ष्य क्या है?

A.  अहिंसा  त्याग

B.  मोक्ष

C.  मानव कल्याण के स्वैच्छिक

D.  पदोन्नति

    Answers C 

Click Here To Download Pdf:अलंकार के महत्वपूर्ण नोट्स

DOWNLOAD MORE PDF

Maths Notes CLICK HERE
English Notes CLICK HERE
Reasoning Notes CLICK HERE
Indian Polity Notes CLICK HERE
General Knowledge CLICK HERE
General Science Notes
CLICK HERE

The above PDF is only provided to you by Allexampdf.com this Pdf is not written by us, if you like the PDF or if you have any kind of doubt, suggestion or question about the Pdf, then give us your Do contact on mail id- Allexampdf@gmail.com or you can send suggestions in the comment box below.

Leave A Reply

Your email address will not be published.